हिन्दुस्तानी एकेडेमी में जन सूचना अधिकार का सम्मान

जनसूचना अधिकारी श्री इंद्रजीत विश्वकर्मा, कोषाध्यक्ष, हिन्दुस्तानी एकेडेमी,इलाहाबाद व मुख्य कोषाधिकारी, इलाहाबाद। आवास-स्ट्रेची रोड, सिविल लाइन्स, इलाहाबाद कार्यालय-१२ डी,कमलानेहरू मार्ग, इलाहाबाद
प्रथम अपीलीय अधिकारी श्री प्रदीप कुमार्, सचिव,हिन्दुस्तानी एकेडेमी, इलाहाबाद व अपर जिलाधिकारी(नगर्), इलाहाबाद। आवास-कलेक्ट्रेट, इलाहाबाद कार्यालय-१२डी, कमलानेहरू मार्ग, इलाहाबाद
दूरभाष कार्यालय - (०५३२)- २४०७६२५
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सोमवार, 26 अप्रैल 2010

पुस्तक-चर्चा एवं लोकार्पण समारोह

पुस्तक-चर्चा एवं लोकार्पण समारोह
२८ अप्रैल २०१०
अपराह्‌न ५ बजे

हिन्दुस्तानी एकेडेमी के तत्वावधान में २८ अप्रैल २०१० दिन बुधवार अपराह्‌न 5:00 बजे एकेडेमी के सभागार में पुस्तक-लोकार्पण समारोह का आयोजन किया गया है। जिसमें एकेडेमी की सद्यः प्रकाशित पुस्तकें चिद्‌यात्रा (कविता संकलन) - शीतला प्रसाद श्रीवास्तव, जगदीश गुप्त : व्यक्ति और काव्य- डॉ० प्रकाश त्रिपाठी, रहीम की काव्य-भाषा - डॉ० प्रकाश त्रिपाठी, हिन्दी व्यंग्य और शरद जोशी - डॉ० कमलेश सिंह की पुस्तक का लोकार्पण किया जायेगा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री विभूति नारायण राय, कुलपति, महात्मा गांधी अन्तरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय, वर्धा होंगे। विशिष्ट अतिथि डॉ० दिनेश कुमार शुक्ल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध आलोचक दूधनाथ सिंह एवं मण्डलायुक्त, इलाहाबाद डॉ० पी०वी० जगनमोहन करेंगे। पुस्तकों पर चर्चा डॉ० मुश्ताक अली करेंगे।

आप सभी सादर आमंत्रित हैं।

(राम केवल)
सचिव,
हिन्दुस्तानी एकेडेमी, इलाहाबाद एवं
अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०)
इलाहाबाद


शनिवार, 24 अक्टूबर 2009

चिट्ठाकारी की राष्ट्रीय संगोष्ठी: कुछ यादगार तस्वीरें

हिन्दुस्तानी एकेडेमी सभागार में आयोजित गोष्ठी का उद्घातन सत्र बहुत ही भव्य, सुरुचिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हो गया। महात्मा गांधी अन्तरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय वर्धा और हिन्दुस्तानी एकेडेमी, इलाहाबाद द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम में प्रयाग की बुद्धिजीवी जनता की भारी भीड़ तो थी ही, साथ ही बड़ी संख्या में दूर-दूर से आये देश भर के चिट्ठाकारों की  उपस्थिति ने कार्यक्रम को अद्वितीय बना दिया।  प्रख्यात समालोचक प्रो. नामवर सिंह द्वारा औपचारिक उद्‌घाटन किए जाने के समय सभागार खचाखच भर चुका था और कुलपति विभूति नारायण राय जी के अध्यक्षीय उद्‌बोधन पूरा होने तक सभी श्रोता अपनी कुर्सियों पर जमें रहे।

हिन्दी चिट्ठाकारी के इतिहास, स्वरूप और प्रवृत्तियों पर रवि रतलामी जी की प्रस्तुति ने सबका ध्यान आकर्षित किया और इस माध्यम से अपरिचित लोगों को भी इसकी विस्तृत जानकारी मिल गयी।

कार्यक्रम का एक अन्य आकर्षण हिन्दुस्तानी एकेडेमी द्वारा हाल ही में प्रकाशित ब्लॉग आधारित पुस्तक ‘सत्यार्थमित्र’ का विमोचन भी हुआ। यह सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी के इसी नाम के ब्लॉग पर प्रकाशित पोस्टों के संकलन से तैयार की गयी पुस्तक है। अपने प्रकार की हिन्दी में पहली पुस्तक होने के कारण इसका विशेष कौतूहल बना रहा।

आइए देखते हैं उद्‍घाटन सत्र की कुछ तस्वीरें:

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कुलपति जी ने दीप प्रज्ज्वालन किया

 

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प्रो.नामवर सिंह सरस्वती जी के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए

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मुख्य अतिथि( ऊपर) तथा अध्यक्ष (नीचे) का स्वागत

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ज्ञानदत्त पाण्डेय जी का माल्यार्पण से स्वागत

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विषय प्रवर्तक - ज्ञान जी

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विषयवस्तु का प्रस्तुतिकरण: रवि रतलामी

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उद्‌घा्टन भाषण: प्रो. नामवर सिंह

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अजित बडनेरकर: “अब पुस्तक विमोचन होगा”

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लो जी, हो गया विमोचन... दुबारा हुआ फोटो-सेसन

बाएं से- राम केवल (सचिव- हिन्दुस्तानी एकेडेमी), ज्ञानदत्त पाण्डेय, विभूति नारायण राय, नामवर सिंह, सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी, राकेश जी

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प्रो. अली अहमद फातमी... इस किताब में क्या है?

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राकेश जी (विशेष कर्तव्य अधिकारी- संस्कृति): ब्लॉग क्या है?

DSC00483विभूति नारायण राय: अध्यक्षीय उद्‍बोधन

भीड़ भरे सभागार की कोई तस्वीर इस कैमरे से नहीं ली जा सकी, इसलिए वह कभी और सही। अभी इतना ही...।

दूसरे सत्र की गर्मागरम बहस की चर्चा पढ़िए फुरसतिया और चिट्ठा चर्चा पर। कल दूसरे दिन जो होगा उसकी रपट का इन्तजार कीजिए...।

(प्रस्तुति- हिन्दुस्तानी एकेडेमी)

बुधवार, 21 अक्टूबर 2009

हिन्दी चिट्ठाकारी की दुनिया: राष्ट्रीय संगोष्ठी में स्वागत है।

महात्मा गांधी अन्तरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा
एवं
हिन्दुस्तानी एकेडेमी, इलाहाबाद
के दो दिवसीय संयुक्त आयोजन
हिन्दी चिट्ठाकारी की दुनिया: राष्ट्रीय संगोष्ठी
में आप सादर आमन्त्रित हैं।

विनीत:

संतोष भदौरिया (संयोजक)
सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी (सह-संयोजक)

कार्यक्रम की रूपरेखा:

प्रथम सत्र (उद्घाटन) :
२३
अक्टूबर,२००९ पूर्वाह्न ११ बजे।
स्थान: हिन्दुस्तानी एकेडेमी सभागार, इलाहाबाद
१२ डी, कमला नेहरू मार्ग, इलाहाबाद (प्रयाग संगीत समिति के निकट)
मुख्य अतिथि: डॉ. नामवर सिंह
अध्यक्ष: श्री विभूति नारायण राय, कुलपति
विशिष्ट अतिथि: श्री राकेश, विशेष कर्तव्य अधिकारी (संस्कृति),विश्वविद्यालय-वर्धा
श्री राम केवल, सचिव- हिन्दुस्तानी एकेडेमी, इलाहाबाद
विषय प्रवर्तन: श्री ज्ञान दत्त पाण्डेय, चिट्ठाकार- मानसिक हलचल
हिन्दी चिट्ठाकारी- इतिहास, स्वरूप और तकनीक
वार्ताकार: रविशंकर श्रीवास्तव (रवि रतलामी- रचनाकार), अनूप शुक्ल (फुरसतिया), अजित बडनेरकर

पुस्तक
विमोचन:
सत्यार्थमित्र- ब्लॉगजगत का एक झरोखा
ब्लॉग लेखक: सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
पुस्तक चर्चा:
प्रो. राजेन्द्र कुमार, इलाहाबाद विश्वविद्यालय
प्रो. अली अहमद फातमी, इलाहाबाद विश्वविद्यालय
प्रो. अजय जेतली, इलाहाबाद विश्वविद्यालय


द्वितीय सत्र:
२३ अक्टूबर, अपराह्न :३० बजे
स्थान: क्षेत्रीय केन्द्र, महात्मा गांधी अन्तरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा
२४/२८ सरोजिनी नायडू मार्ग, इलाहाबाद (YMCA के सामने)
अभिव्यक्ति की उन्मुक्तता एवं इसमें निहित खतरे
ब्लाग जगत के कुंठासुर/बेनामी या छद्मनामी टिप्पणीकार
पत्रकारिता और चिट्ठाकारी
अभिव्यक्ति की उन्मुक्तता एवं इसपर नियन्त्रण -कुछ सुझाव
मुख्य धारा के जनसंचार माध्यम एवं ब्लॉग-संचार

तृतीय सत्र:
२४ अक्टूबर, ११ बजे पूर्वाह्न
स्थान:क्षेत्रीय केन्द्र-महात्मा गांधी अन्तरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा
२४/२८ सरोजिनी नायडू मार्ग, इलाहाबाद (YMCA के सामने)

अन्तर्जाल पर हिन्दी भाषा साहित्य:
हिन्दी चिट्ठाकारी पर बहस के मुद्दे
अन्तर्जाल पर हिन्दी साहित्य की पठनीयता
चिट्ठाकारी की भाषा बनाम सम्प्रेषणीयता
चिट्ठों के माध्यम से विज्ञान संचार
चिट्ठाजगत में हिन्दी कविता की नवीन प्रवृत्तियाँ।
हिन्दी कविता और ब्लॉगजगत

चतुर्थ सत्र:
२४ अक्टूबर, अपराह्न :३० बजे
चिट्ठाकारी का तकनीकी पक्ष
हिन्दी के कुशल प्रयोग के औजार
ब्लाग बनाने की तकनीक और प्रबन्धन
ब्लॉग एग्रीगेटर (चिट्ठा संकलक),फीड, ब्लॉगसेवा प्रदाता
ब्लॉग की सक्रियता और ब्लॉग से आय की सम्भावनाएं।
चिट्ठाकारी: समय प्रबन्धन एवं उपादेयता

जिन आमन्त्रित ब्लॉगर अतिथियों ने अपने आगमन की सहर्ष स्वीकृति देते हुए समय से अपनी यात्रा का विवरण प्रस्तुत कर दिया है उनके अवस्थान की समुचित व्यवस्था कर दी गयी है। अपेक्षा के अनुरूप ही इस कार्यक्रम की सपलता के लिए सभी ओर से सक्रिय सहयोग और समर्थन हमें मिलता जा रहा है। इसके लिए हम आप सभी के हृदय से आभारी हैं।

सभी प्रतिभागियों, अतिथियों, श्रोताओं, दर्शकों और मीडिया के सहयोगियों का इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में हार्दिक स्वागत अभिनन्दन।


स्वागतोत्सुक:
हिन्दुस्तानी एकेडेमी परिवार

शनिवार, 26 सितंबर 2009

हिन्दी चिठ्ठों की किताब के लिए अपनी चुनिन्दा पोस्ट भेंजिए...।

हिन्दी ब्लॉगिंग की दुनिया में अनेक प्रतिष्ठित लेखक और साहित्यकार अपनी रचनाएं अन्तर्जाल पर प्रकाशित कर रहे हैं लेकिन उससे कहीं बड़ी संख्या ऐसे ब्लॉगलेखकों की है जिन्होंने अपनी रचनाधर्मिता के नैसर्गिक प्रवाह को यूँ ही निसृत होने दिया है। अपनी मस्ती में डूबे हुए ये अनूठे चिठेरे इस चक्कर में ही नहीं पड़ते कि उनका लिखा हुआ साहित्य की कोटि में रखा जाता है कि नहीं। बहुत से ब्लॉग लेखक ऐसे भी हैं जो अपनी पोस्टों के माध्यम से समाज, संस्कृति, राजनीति, घर-परिवार, विज्ञान, इतिहास, भूगोल आदि के विषयों पर ज्ञान का असीमित भण्डार उड़ेल रहे हैं। यह सब कुछ हिन्दी ब्लॉग समुच्चय को एक क्लाइडोस्कोप का रुप गुण देता है।

हिन्दुस्तानी एकेडेमी की स्थापना हिन्दुस्तानी (हिन्दी और उर्दू) भाषा को विकास की सीढ़ियों पर ले जाने वाले सभी सार्थक प्रयासों को एक ऐसा मंच देने के उद्देश्य से हुई थी जहाँ मौलिक प्रतिभाओं को अपनी रचनाधर्मिता को प्रकाशित कराने का अवसर मिले और विद्वानों-मनीषियों के शोधपरक कार्यों को सामान्य विद्यार्थियों, अध्येताओं और साहित्यानुरागियों के उपयोग हेतु सहज ढंग से उपलब्ध कराया जा सके। इन उद्देश्यों की पुर्ति के लिए एकेडेमी द्वारा करीब डेढ़ सौ अमूल्य पुस्तकों का प्रकाशन किया गया है और साहित्यिक गोष्ठियों, व्याख्यान मालाओं, सेमिनार और प्रतिभा सम्मान समारोहों का आयोजन अनवरत किया जाता रहा है।

अपनी इसी उत्कृष्ट परम्परा के निर्वहन के क्रम में हिन्दुस्तानी एकेडेमी द्वारा महात्मा गांधी अन्तरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय, वर्धा के सौजन्य से हिन्दी ब्लॉगिंग के सम्बन्ध में एक राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार का आयोजन आगामी २३-२४ अक्टूबर, २००९ को किया जा रहा है। इस अवसर पर देश भर से अनेक चिठ्ठाकारों को आमन्त्रित कर अभिव्यक्ति के इस नये माध्यम के इतिहास, स्वरूप और प्रमुख प्रवृत्तियों पर दो दिवसीय चर्चा की जाएगी। इस अवसर पर पारम्परिक साहित्य जगत के अनेक प्रतिष्ठित विद्वान भी प्रतिभागी होंगे।
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इस अवसर पर एकेडेमी द्वारा एक पुस्तक का प्रकाशन कर उसके तत्समय लोकार्पण का निर्णय भी लिया गया है जिसमें लगभग पचास चिठ्ठाकारों की चुनी हुई एक-एक ब्लॉग पोस्टों को सम्मिलित कर एक प्रतिनिधि संकलन तैयार किया जाएगा। इसके लिए हिन्दी ब्लॉगर्स से प्रविष्टियाँ आमन्त्रित की जाती हैं। एक ब्लॉगर से केवल एक प्रविष्टि ही स्वीकार की जाएगी। हिन्दुस्तानी एकेडेमी द्वारा गठित सम्पादक मण्डल प्रविष्टियों के चयन पर विचार करेगा जिसकी संस्तुतियों के आधार पर पुस्तक का अन्तिम रूप निर्धारित किया जाएगा। एकेडेमी के ई-मेल पते (hindustaniacademy@gmail.com) पर अपनी प्रविष्टियाँ दिनांक ५.१०.२००९ की मध्यरात्रि तक अवश्य प्रेषित कर दें।

चिठ्ठाकार मित्रों द्वारा पुस्तक के शीर्षक व आवरण पृष्ठ के सम्बन्ध में यदि कोई सुझाव दिया जाता है तो उसका भी स्वागत है। यह पुस्तक हिन्दी ब्लॉग जगत की ओर से प्रिन्ट माध्यम के लिए एक अनुपम भेंट हो, यही हमारी आकांक्षा है।

सचिव - हिन्दुस्तानी एकेडेमी

शनिवार, 1 अगस्त 2009

राष्ट्रकवि की जयन्ती पर कवि सम्मेलन: हिन्दुस्तानी एकेडेमी में

हिन्दुस्तानी एकेडेमी के तत्वावधान में राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की जयन्ती पर सोमवार दिनांक ३ अगस्त, २००९ को अपराह्न ४:३० बजे एकेडेमी सभागार में कवि-गोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। काव्य-गोष्ठी में सभी सादर आमंत्रित हैं।

 

 

(डॉ० एस०के० पाण्डेय) सचिव,

हिन्दुस्तानी एकेडेमी, इलाहाबाद

सोमवार, 2 मार्च 2009

केदार नाथ अग्रवाल की काव्य सम्पदा पर गोष्ठी

 

 

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हिन्दुस्तानी एकेडेमी, इलाहाबाद व साहित्य भण्डार, इलाहाबाद के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक ४.०३.२००९, दिन बुधवार, अपराह्न २:०० बजे, हिन्दुस्तानी एकेडेमी सभागार में "केदारनाथ अग्रवाल की काव्य सम्पदा" पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया है। जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ कथाकार श्री दूधनाथ सिंह करेंगे तथा विचार गोष्ठी में प्रो० राजेन्द्र कुमार, डॉ० मत्स्येन्द्र नाथ शुक्ल तथा वाराणसी से पधारे श्री आशीष त्रिपाठी मुख्य वक्ता होंगे।

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जन्म: 01 अप्रैल 1911 निधन: 22 जून 2000

 

जन्म स्थान

ग्राम कामासिन, जिला बाँदा, उत्तर प्रदेश


केदारनाथ अग्रवाल प्रगतिशील काव्य-धारा के एक प्रमुख कवि थे। उनका पहला काव्य-संग्रह युग की गंगा आज़ादी के पहले मार्च, 1947 में प्रकाशित हुआ। हिंदी साहित्य के इतिहास को समझने के लिए यह

संग्रह एक बहुमूल्य दस्तावेज़ है। केदारनाथ अग्रवाल ने मार्क्सवादी दर्शन को जीवन का आधार मानकर जनसाधारण के जीवन की गहरी व व्यापक संवेदना को अपनी कविताओं में मुखरित किया है। कवि केदार की जनवादी लेखनी पूर्णरूपेण भारत की सोंधी मिट्टी की देन है। इसीलिए इनकी कविताओं में भारत की धरती की सुगंध और आस्था का स्वर मिलता है।

केदारनाथ अग्रवाल की कविताओं का अनुवाद रूसी, जर्मन, चेक और अंग्रेज़ी में हुआ है। उनका कविता-संग्रह 'फूल नहीं, रंग बोलते हैं', सोवियतलैंड नेहरू पुरस्कार से सम्मानित हो चुका है :

केदारनाथ अग्रवाल के प्रमुख कविता संग्रह है : (1) युग की गंगा, (2) फूल नहीं, रंग बोलते हैं, (3) गुलमेंहदी, (4) हे मेरी तुम!, (5) बोलेबोल अबोल, (6) जमुन जल तुम, (7) कहें केदार खरी खरी, (8) मार प्यार की थापें आदि।


रविवार, 21 सितंबर 2008

रविवार- २१ सितम्बर,२००८ को एकेडेमी सभागार में विचार-गोष्ठी

हिन्दी प्रेमी मित्रों एवं सुधी जन,

आप अवगत होंगे कि हिन्दुस्तानी एकेडेमी ने ‘हिन्दी सप्ताह’ (१४ सितं.से २१ सितं.तक) के समापन के अवसर पर उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान के साथ मिलकर आज एक विचार गोष्ठी का आयोजन एकेडेमी सभागार में किया है। यदि आप इलाहाबाद या इसके आस-पास मौजूद हैं, और अपनी राष्ट्रभाषा के प्रति अनुराग रखते हैं, तो हिन्दी सेवियों के उत्कृष्ट सानिध्य का लाभ यहाँ उठा सकते हैं। गोष्ठी में चर्चा के लिए लाये गये विषयों और विद्वान वक्ताओं के बारे में जानने के लिए यहाँ चटका लगाएं।

आपके आगमन और स्नेहिल सानिध्य की प्रतीक्षा में-
एकेडेमी परिवार
स्थान:
१२-डी, कमला नेहरू मार्ग, इलाहाबाद
(चंद्रशेखर आजाद पार्क के निकट, सिविल लाइन्स हनुमान मन्दिर के सामने)
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